बजट 2020 पेश करने के दौरान वित्तमंत्री ने पढ़ी ये बेहतरीन कविता
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने आज लोकसभा में बजट 2020 पेश किया। उन्होंने करीब ढाई घंटे से अधिक समय तक बजट से जुड़े अहम विषयों को लोकसभा में पेश किया। इसी बीच वित्त मंत्री ने कश्मीर का जिक्र करते हुए एक कश्मीरी कविता भी पढ़ी। जिसका उन्होंने हिंदी में अनुवाद करते हुए कहा, ‘हमारा वतन खिलते हुए शालीमार बाग जैसा, हमारा वतन डल झील में खिलते हुए कमल जैसा, नौजवानों के गर्म खून जैसा, मेरा वतन तेरा वतन हमारा वतन, दुनिया का सबसे प्यारा वतन।”

वित्तमंत्री ने कहा भारत अब दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और केंद्र सरकार का कर्ज घटकर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 48.7 प्रतिशत पर आ गया है। यह मार्च, 2014 में 52.2 प्रतिशत था। निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2020-21 का बजट पेश करते हुए कहा कि 2014-19 के दौरान औसत वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत से अधिक रही।
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आपको बता दें कि वित्तमंत्री के रूप में उन्होंने दूसरी बार बजट पेश किया। इस दौरान उन्होंने GST का जिक्र करते हुए वित्त मंत्री ने अरुण जेटली को याद किया और कहा कि उनकी दूरदर्शिता के चलते GST लागू हुआ। जिसके चलते डरावना इंस्पेक्टर राज खत्म हो गया है। बैंकिंग सिस्टम सुधार आया है जिससे बैंकों की हालत में भी सुधार हुआ है। अब तक 40 करोड़ का जीएसटी फाइल हो चुका है। निर्मला सीतारमण ने शिक्षा के क्षेत्र में विकास के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। वित्त मंत्री ने शिक्षा के लिए 99,300 करोड़ रुपये की घोषणा की है। निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार की ओर से नई शिक्षा नीति का ऐलान किया जाएगा। जिला अस्पतालों में अब मेडिकल कॉलेज बनाने की योजना भी बनाई जाएगी। यानी कि देश में डॉक्टरों की कमी को पूरा करने के लिए अब हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज खोला जाएगा।
इसके साथ ही उन्होंने बताया कि किसानों को बंजर जमीन पर सोलर यूनिट लगाने की अनुमति दी जाएगी और उससे ग्रिड को बिजली आपूर्ति की जाएगी। वित्त मंत्री ने आगे कहा कि सोलर पंप लगाने के लिए 20 लाख किसानों को सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जलसंकट वाले 100 जिलों में व्यापक उपायों का प्रस्ताव भी सरकार ने रखा है।

